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Showing posts from August, 2017

अनमोल सुक्तिकोश-10

जो मनुष्य अपना भेद अपने सेवक को बताता है, वह सेवक को अपना स्वामी बना लेता हैं
-जान ड्राइडेन
जो तुम्हारे लिए बबूल बोए, उसके लिए फूल बोओ।
-रहीम
जो प्रेम से नहीं सुधर सकता, वह कभी नहीं सुधर सकता।
-सुकरात

अनमोल सुक्तिकोश-9

यदि सचमुच ही तुम दुःख से डरते हो और तुम्हें दुःख प्रिय है, तो फिर प्रकट या गुप्त रूप से पापकर्म मत करो।
-उदान
पात्रा की योग्यता देखकर व्यवहार करो।
-चाणक्य
जिनके हृदय में सदैव परोपकार की भावना रहती है, उनकी आपदाएं समाप्त हो जाती है और पग-पग पर धन की प्राप्ति होती है।
-चाणक्य