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अनमोल सुक्तिकोश-7

जो अवगुण तुम्हें दूसरे में दृष्टिगत हो उसे अपने भीतर न रहने दो।
-स्प्रेट
सबसे सुखी वे है, जो दूसरे के भले के लिए अधिक से अधिक नेक काम करते हैं और सबसे अधिक दुःखी वे हैं जो कुछ भला काम करते ही नहीं ओर यदि करते भी है तो कम से कम।
-फ्रैंकलिन
सुखी है वह जो इस संसार को एक स्वर्गीय उपवन में परिणत कर देता है।
-स्वामी रामतीर्थ

अनमोल सुक्तिकोश-6

सहानुभूति सहृदयता की निशानी है।
-अज्ञात
डुबने वाले के प्रति सहानुभूति का मतलब उसके साथ डूबना नहीं है बलिक खुद तैरकर उसको बचाने का प्रयत्न करना है।
-अचार्य विनोवा भावे
यदि सुंदर दिखाई देना है, तो तुम्हें भड़कीले कपड़े नहीं पहनने चाहिए बल्कि अपने गुणों को बढ़ाना चाहिए।
-महात्मा गांधी

अनमोल सुक्ति कोश-5

-प्रेमचंद्र जो एक बार धोखा कर चुका हो, उसका विश्वास न करो। -शेक्सपियर जिसे अपने पर विश्वास नहीं उसे भगवान पर विश्वास नहीं हो सकता। -शेक्सपियर विश्वास क्या है? स्वयं को ईश्वररेच्छा पर छोड़ देना। -स्वामी रामदास विपत्ति से बढ़कर तजुर्बा सिखाने वाला विद्यालय आज तक नहीं खुला। -प्रेमचंद

अनमोल सुक्तियां -4

जो तुम्हारे विरुद्ध है, उसे तुम अपना पथ प्रदर्शक मानो।
-सुकरात
विनाश काल में बुद्धि विपरीत हो जाती है।
-सुभाषित
विद्वान कभी अशब्द का प्रयोग नहीं करते।
-वुड

अनमोल सुक्तियां भाग-3

लाठी के बल पर प्राप्त वस्तु टिकाऊ नहीं होती।
-सुभाषित
जब कोई तुमसे लचककर बात करे, तो समझो कुद मांगने वाला है।
-कार्लाइल
लघु से दीर्ध उत्पन्न होता है।
-चार्वाक

अनमोल सुक्ति भाग-2

जसे तुम्हारा हृदय महान समझे वह महान है। आत्मा का निर्णय सदा ही ही होता है।
-इमर्सन
महत्वाकांक्षा वह पाप है जिसने देवदूतों को भी पतित कर दिया।
-शेक्सपियर
मनुष्य को अपने व्यक्तित्व में पूर्ण विकास करने की क्षमता होनी चाहिए। उसे बहारी सहायता की आवश्यकता नहीं।
-जयशंकर प्रसाद

अनमोल सुक्तिया भाग-1

संकट से मुँह मोड़ेगे तो जहाँ हो, वही पड़े रह जाओगे -कालाईल हर आदमी की जिंदगी मे एक मोड़ जरूर आता है। -फ्रायड मौन से शांति रहती है -स्वामी विवेकानंद जिसमें तुम्हारा कोई वश नहीं उसके लिए दुख करना छोड़ दो। -शैक्सपियर