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मुँह से पैंटिंग करने वाला शख्स: हेनरी फ्रिजर

वह रग्बी का प्रसिद्ध खिलाड़ी था। रग्बी उसका जूनन थी लेकिन किस्मत को कुछ ही तेज भागते कदमों को जैसे किसी की नजर लग कोई। एक हादसे उनके सारे अरमानों को मटियामेट कर दिया अब रग्बी उनके लिए एक सपना सी बन गई। हुआ यूं कि वर्ष 2009 में पुर्तगाल में छुट्टी मानने के लिए गए थे दोस्तों के साथ तैरागी के दौरान हेनरी का सिर पत्थर से टकरा गया और उनके सिर और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटे लगी। लेकिन हेनरी फ्रिजर ऐसे शख्स कहां हार मानने वाले होते है उन्होंने तो बस अपना सपना ही दिखाई देता है, उन्हें बस कैसे न कैसे अपनी मंजिल पानी होती है। हेनरी फ्रेलर ने हार नहीं मानी उन्हें हाथ-पैरों से लाचार होने के बावजूद  मुँह से पैंटिंग करना शुरू कर दिया।

विकलांगता के बावजूद भी अपनी मंजिलों पर पहुँची मुनिबा मजारी

मुनिबा मजारी को पाकिस्तान की आयरन लेडी माना जाता है। वे संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पाकिस्तान की नेशनल एम्बेस्डर हैं। मुनिबा का जन्म एक बलोच पुरिवार में हुआ था। मुनिबा बचपन में पेंटर बनना चाहती थीं लेकिन रूढ़िवादी परिवार से ताल्लुक रखने के कारण वे ऐसा नहीं कर पाई । 18 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता के कहने के लिए मजबूर होना पड़ा। शादी के दो-तीन साल बा हुई एक दुर्घटना ने उनके जीवन को बदल कर रखा दिया। एक दिन वह अपने पति के साथ कहीं जा रही रही थी कि उनका पति कार चलाते हुए सो गए और गाड़ी के बेकाबू हो जाने के बाद वो खुद बाहर कूद गए मगर मुनिबा कार के अंदर रह गईं। दुर्घटना में बुरी तरह घायल हुईं। ढाई महीनों तक अस्पताल में रहने के दौरान जब वो बाहर आईं तो पहले की तरह वो अपने पैरों पर खड़ी होने लायक नहीं थीं। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वो अब कभी माँ भी नहीं बन सकेंगी। इस बात ने मुनिबा को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया उसकी तो समझो बस जिंदगी ही कहीं थम सी गई। उसके लिए अब जीवन के कोई अर्थहीन हो गई।

बिना हाथ पैर के जीवन में सफलता पाने वाला व्यक्ति- निकोलस वुजिसिक

निकोलस वुजिसिक का जन्म 1982 को मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया में हुआ, उनका जन्म ही बिना हाथ और पैरो के हुआ था। बावजूद इसके उन्होंने जीवन में कभी हार नहीं मानी। हाथ-पैरो के बिना प्रारंभिक जीवन बिताना उनके लिये काफी मुश्किल था। बचपन से ही उन्हें काफी शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अपने जीवट और जज्बे के दम पर उन्होंने इस विकार से हार नही मानी, और हमेशा वे औरो की तरह जिन्दगी को जीने की कोशिश करते रहे।

अनमोल सुक्तिकोश-12

अपनी शक्ति के अनुसार
-एमिल
कल न जाने हम कहीं हो अतः आज ही जिएं
-सेचलर
प्रतीक्षा करने से बेहतर खतरों से आधे रास्ते मे मिलना अच्छा है।
-डेकन
स्पष्ट और सबल उद्देश्य के अतिरिक्त सफलता का अन्य कोई उपाय नहीं है।
-टी.टी मंगर

अनमोल सुक्तिकोश-11

जो दूसरो को क्षमा नहीं कर सकता वह उस पुल को तोड़ डालता है जिसे पार करके वह स्वर्ग पहुँच सकता है, क्योंकि क्षमा की आवश्यकता सब को होती है।
- हर्बर्ट
जिस घर में शांति है, सुखी वही है चाहे वह राजा हो या रंक।
-गेटे
जो जानते हो उस पर अमल करोगे उतना ही यह सीखोगे कि किस पर अमल करना चाहिए।
-डब्ल्यु जैनकिन

अनमोल सुक्तिकोश-10

जो मनुष्य अपना भेद अपने सेवक को बताता है, वह सेवक को अपना स्वामी बना लेता हैं
-जान ड्राइडेन
जो तुम्हारे लिए बबूल बोए, उसके लिए फूल बोओ।
-रहीम
जो प्रेम से नहीं सुधर सकता, वह कभी नहीं सुधर सकता।
-सुकरात

अनमोल सुक्तिकोश-9

यदि सचमुच ही तुम दुःख से डरते हो और तुम्हें दुःख प्रिय है, तो फिर प्रकट या गुप्त रूप से पापकर्म मत करो।
-उदान
पात्रा की योग्यता देखकर व्यवहार करो।
-चाणक्य
जिनके हृदय में सदैव परोपकार की भावना रहती है, उनकी आपदाएं समाप्त हो जाती है और पग-पग पर धन की प्राप्ति होती है।
-चाणक्य